प्रधानमंत्री मोदी और आत्मनिर्भर भारत का सपना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लखनऊ में ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का भव्य उद्घाटन कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे
प्रधानमंत्री मोदी और आत्मनिर्भर भारत का सपनाSA20: Dewald Brevis of CSK and Sherfane Rutherford of MS excel for the Pretoria Capitals of CSK and Sherfane Rutherford of MS excel for the Pretoria Capitals
देश के लिए राष्ट्रीय प्रधानमंत्री मोदी और आत्मनिर्भर भारत का सपना और सुशासन की एक नई पहचान।

राष्ट्र प्रेरणा स्थल राष्ट्रीय का नया केंद्र
नोएडा के बसंत कुंज (हरदोई रोड) में विशाखा नदी के किनारे 65 एकड़ में फैला यह परिसर लगभग 232 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है।
यह स्थल मुख्य रूप से भारतीय राजनीति के तीन स्तंभों—अटल बिहारी वाजपेयी, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की स्मृति और उनके योगदान को समर्पित है।
कमल के फूल की आकृति (Lotus Design): पूरे परिसर और इसके मुख्य संग्रहालय का डिज़ाइन ‘कमल’ के आकार पर आधारित है, जो भारत की सांस्कृतिक पहचान और विकास का प्रतीक है।
यहाँ तीनों महान नायकों की 65-65 फीट ऊंची विशाल कांस्य (Bronze) मूर्तियाँ स्थापित की गई हैं।
प्रत्येक प्रतिमा का वजन लगभग 42 टन है।
प्रत्येक प्रतिमा के चारों ओर जलकुंड (Water Bodies) बनाए गए हैं
बना 98,000 वर्ग फुट का संग्रहालय इस स्थल का सबसे बड़ा आकर्षण है। यह केवल एक प्रदर्शन कक्ष नहीं है, बल्कि एक ‘अनुभव केंद्र’ (Experience Centre) है:
इसमें पांच अलग-अलग दीर्घाएं बनाई गई हैं। पहली गैलरी ‘ओरिएंटेशन रूम’ है, जबकि अन्य गैलरियां जनसंघ की स्थापना, पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद, डॉ. मुखर्जी के बलिदान और अटल जी के संसदीय जीवन को समर्पित हैं।
इसमें अटल जी द्वारा उपयोग की गई वस्तुएं, उनके द्वारा लिखे गए लेख और ‘पाञ्चजन्य’ के संपादन काल की यादें संजोई गई हैं
सार्वजनिक सुविधाएं और क्षमता
इसे एक पर्यटन स्थल के साथ-साथ एक सामुदायिक केंद्र के रूप में विकसित किया गया है:
विशाल जनसभा मैदान: यहाँ लगभग 2 से 2.5 लाख लोगों के बैठने की क्षमता वाला एक बहुत बड़ा मैदान है, जहाँ आज पीएम मोदी संबोधित कर रहे हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए 3,000 की क्षमता वाला एक खुला थिएटर बनाया गया है।
परिसर का एक बड़ा हिस्सा हरियाली, योग केंद्र और ध्यान केंद्र के लिए आरक्षित है, जिससे यह लखनऊ का नया ‘फेफड़ा’ (Green Lung) भी बनेगा।
इसमें एक वीवीआईपी गेस्ट हाउस, हेलीपैड और आधुनिक सुरक्षा नियंत्रण कक्ष भी शामिल हैं।
25 दिसंबर को ‘सुशासन दिवस’ (Good Governance Day) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन इस स्थल का लोकार्पण सुशासन की अवधारणा को मजबूती देता है।
शिक्षा और प्रेरणा: यह स्थल स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों के लिए एक ‘लर्निंग हब’ बनेगा, जहाँ वे भारत की राजनीतिक यात्रा और लोकतंत्र के मूल्यों को करीब से समझ सकेंगे।
प्रधानमंत्री का दौरा: पीएम मोदी दोपहर 2:00 बजे के आसपास स्थल पहुँचेंगे। वे सबसे पहले तीनों महापुरुषों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।प्रधानमंत्री मोदी और आत्मनिर्भर भारत का सपना
प्रधानमंत्री डिजिटल म्यूजियम के विभिन्न खंडों का निरीक्षण करेंगे और इसकी तकनीकों का अनुभव लेंगे।
राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ केवल ईंट और पत्थरों का ढांचा नहीं है, बल्कि यह उन विचारों का स्मारक है जिन्होंने आधुनिक भारत की नींव रखी है। यह स्थल आने वाली पीढ़ियों को ‘राष्ट्र प्रथम’ (Nation First) की भावना से काम करने के लिए प्रेरित करता रहेगा।

भारत की जनसंख्या का बड़ा हिस्सा युवा है। राष्ट्र प्रेरणा स्थल विशेष रूप से युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यहाँप्रधानमंत्री मोदी और आत्मनिर्भर भारत का सपना
युवाओं को यह एहसास कराते हैं कि वे केवल दर्शक नहीं, बल्कि भारत के भविष्य के निर्माता हैं।
आयोजित किए जाएंगे। इससे इतिहास, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र और सांस्कृतिक अध्ययन के विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा।
इससे राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता को मजबूती मिलेगी
घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन को आसपास के क्षेत्रों में स्थानीय रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देनाप्रधानमंत्री मोदी और आत्मनिर्भर भारत का सपना
यह भारत की सॉफ्ट पावर को भी वैश्विक मंच पर बढ़ावा देगा।
आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा केवल आर्थिक नहीं, बल्कि मानसिक और सांस्कृतिक आत्मनिर्भरता है